कुछ दिन खुश रहता है आम इन्सान
कुछ दिन चुप रहता है आम इन्सान
- वीरेन्द्र प्रताप सिंह
कुछ दिन चुप रहता है आम इन्सान
कुछ दिन दुःख सहता है आम इन्सान
कुछ दिन विरोध करता है आम इन्सान
कुछ दिन को थक जाता है आम इन्सान
कुछ दिन के लिए उग्र हो जाता है आम इन्सान
कुछ दिन सम्मान पाता है आम इन्सान
कुछ दिन राज करता है आम इन्सान
फिर से कुछ दिन खुश-चुप-दुःख ...है आम इन्सान
.
ये Mango Man नहीं है आम इन्सान
पर चुनाव में मौसम में देख-रेख होती है इसकी
और चुनाव आने पर ख़रीदा जाता है
फिर कोल्ड स्टोरेज में रखकर सत्ता में स्वाद लिया जाता है
.
वास्तव में जीवन में सदैव संघर्ष करने वाला है आम इन्सान..!!
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